पहले से तैयारी करें: चर्चा के विषय के बारे में अ
दूसरों का सम्मान करें: हर किसी को अपने विचारों और राय को व्यक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए। बीच में बात करने, उनके विचारों को अस्वीकार करने या नीचा दिखाने से बचें। असंवेदनशील चिन्हों, जैसे शरीर की भाषा, का ध्यान रखें जो आपको असहजता का संकेत दे सकते हैं।
स्पष्ट और संक्षिप्त भाषा में बोलें: दूसरों द्वारा सुना जाने के लिए अपनी आवाज को पर्याप्त मदद दें
सभी की बातें ध्यान से सुनें: दूसरे सदस्यों के बोलने की ध्यान से सुनें। इससे आप उन बिंदुओं को दोहराने से बच सकते हैं जो पहले ही कहे गए हैं और आपको उन विचारों के ऊपर अधिक निर्माण करने या उनका समालोचन करने की सुविधा मिलती है।
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